रायपुर। छत्तीसगढ़ के डायबिटीज़ मरीजों के लिए राहत देने वाली लोकप्रिय दवा मेटफार्मिन 500mg + ग्लिमिप्राइड 2mg पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने यह कदम मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है। रायपुर और बलौदाबाजार जिलों से इस दवा की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद दवा के वितरण और उपयोग दोनों पर रोक लगा दी गई है।यह दवा हीलर्स लैब (Healers Lab) कंपनी द्वारा तैयार की गई है। रोक बैच नंबर MGC-506 (निर्माण: जुलाई 2024, समाप्ति: जून 2026) पर लगाई गई है। प्रारंभिक जांच में इस बैच की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई है।राज्य औषधि निगम के महाप्रबंधक रीतेश अग्रवाल ने बताया, “परीक्षण रिपोर्ट आने तक इस दवा का उपयोग पूरी तरह बंद रहेगा। मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है।”स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए निर्देशस्वास्थ्य विभाग ने सभी CMHO, सिविल सर्जन और स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को आदेश दिया है कि वे तुरंत इस बैच का वितरण बंद करें और बचा हुआ स्टॉक रायपुर स्थित भंडार में वापस भेजें। मरीजों के लिए वैकल्पिक दवाएं (Substitute Medicines) उपलब्ध कराई जाएंगी, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है।रोक कितने समय तक रहेगी?यह प्रतिबंध अस्थायी है और तब तक जारी रहेगा जब तक दवा की तकनीकी जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।क्यों है यह दवा अहम?‘मेटफार्मिन + ग्लिमिप्राइड’ संयोजन टाइप-2 डायबिटीज़ के मरीजों में ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए प्रमुख दवा मानी जाती है।मेटफार्मिन शरीर में शुगर उत्पादन घटाती है।ग्लिमिप्राइड इंसुलिन की कार्यक्षमता बढ़ाती है।विशेषज्ञों का कहना है कि जब किसी दवा की गुणवत्ता संदिग्ध हो, तो सावधानीपूर्वक रोक लगाना ही सबसे सुरक्षित कदम होता है।Spread the lovePost navigationबेटे की बेरहमी से पिटाई के बाद मां की मौत, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार UP मिर्जापुर: प्लेटफॉर्म पार करते समय ट्रेन की चपेट में आए 6 श्रद्धालु