घरेलू कलह ने छीनी दो जानें, बेटे की हत्या के बाद पिता ने भी दे दी जान

अंबागढ़ : छत्तीसगढ़ के मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी जिले में पारिवारिक विवाद ने ऐसा भयावह मोड़ ले लिया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। शराब के नशे में हुए झगड़े के दौरान एक व्यक्ति ने अपने ही जवान बेटे को गोली मार दी, जबकि बीच-बचाव करने आई पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना के एक दिन बाद आरोपी पिता ने आत्महत्या कर ली।
मां को बचाने की कोशिश में गई जान
कुंवारदल्ली गांव में रहने वाला 22 वर्षीय शेखर उइके अपने माता-पिता के बीच हो रहे झगड़े को शांत कराने की कोशिश कर रहा था। बताया जा रहा है कि उसका पिता संतराम उइके शराब के नशे में पत्नी के साथ मारपीट कर रहा था। इसी दौरान शेखर अपनी मां शांति बाई को लेकर घर के पीछे बैठा था।
कुछ देर बाद संतराम गुस्से में भरमार बंदूक लेकर लौटा और बेटे पर फायर कर दिया। गोली लगते ही शेखर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, वहीं शांति बाई छर्रे लगने से बुरी तरह जख्मी हो गई।
घायल महिला का उपचार जारी
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों की मदद से मां-बेटे को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने शेखर को मृत घोषित कर दिया। शांति बाई का इलाज अस्पताल में जारी है और उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बेटे की मौत के बाद पिता ने लगाई फांसी
घटना को अंजाम देने के बाद संतराम मौके से फरार हो गया था। अगले दिन शनिवार देर रात उसका शव घर के बाहर एक पेड़ से लटका मिला। पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि बेटे की हत्या के बाद वह गहरे सदमे और अपराधबोध में था, जिसके चलते उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में
सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला शराब के नशे और घरेलू विवाद से जुड़ा है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।





