सूरजपुर : रायपुर, 28 मार्च 2026 : पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर और एसपी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पेट्रोलियम पदार्थों, एलपीजी गैस, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर और उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार राज्यों के साथ लगातार संपर्क में है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। कंट्रोल रूम सक्रिय, हेल्पलाइन जारीराज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। आम नागरिक गैस आपूर्ति या कालाबाजारी से जुड़ी शिकायतों के लिए 1800-233-3663 पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए गए हैं। कालाबाजारी पर सख्तीमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। कार्रवाई का अपडेटप्रदेशभर में 335 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें कालाबाजारी की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन जमाखोरी के मामलों में 3841 गैस सिलेंडर जब्त किए गए और 97 एफआईआर दर्ज की गई हैं। किसानों के लिए राहतउर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों को समय पर खाद मिले और वितरण प्रणाली पारदर्शी बनाई जाए। जरूरी संस्थानों को प्राथमिकताअस्पताल, छात्रावास, रेलवे, सैन्य व अर्धसैनिक बलों सहित सभी महत्वपूर्ण संस्थानों में गैस आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। अफवाहों पर नजर, मीडिया से संवादमुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया और खबरों की सतत निगरानी रखने तथा भ्रामक सूचनाओं का तत्काल खंडन कर सही जानकारी जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए।कल मिलाकर, राज्य सरकार ने साफ किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और आम जनता को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।Spread the lovePost navigationतेज धूप से बचने, सिर एवं शरीर ढककर रखने व तरल पदार्थ का अधिक सेवन करने की अपील बारनवापारा अभयारण्य में काले हिरणों का वैज्ञानिक पद्धति से पुनर्स्थापन: दो चरणों में 34 हिरणों को प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया सुरक्षित