रायपुर : स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने राज्य की शैक्षणिक योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति का जायजा लेते हुए रपष्ट किया कि विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।समयबद्ध क्रियान्वयन और सामग्री वितरण के निर्देशसचिव ने विभाग द्वारा संचालित प्रमुख योजनाएं जिनमें निःशुल्क योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। निःशुल्क वितरण, पाठ्य पुस्तक, गणवेश (यूनिफॉर्म) और सरस्वती साइकिल योजना के तहत वितरित की जाने वाली सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से पूर्ण रूप से वितरित की जाएं। विद्यार्थियों को दी जाने वाली निःशुल्क सामग्रियों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। राज्य के विद्युत विहीन और शौचालय विहीन विद्यालय भवनों को चिह्नित कर वहां शीघ्र व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।आधुनिक शिक्षा और डिजिटल नवाचारअधिकारियों द्वारा प्रस्तुत पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन की समीक्षा करते हुए श्री सिंह ने स्मार्ट क्लास, डिजिटल लर्निंग और विज्ञान प्रयोगशालाओं के अधिकतम उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा पद्धति से जोड़ना समय की मांग है, इसके लिए ऑनलाइन पाठ्यक्रम और शैक्षणिक ऐप्स का प्रभावी उपयोग किया जाए।प्रशासनिक कसावट और पारदर्शितासचिव ने स्कूल शिक्षा ने व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई, भ्रष्टाचार या गैर-जिम्मेदारी के प्रति शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की चेतावनी दी। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने को कहा कि कर्मचारी चयन बोर्ड के माध्यम से शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में गति लाना, पदोन्नति को सुव्यवस्थित करने हेतु कर्मचारियों की ग्रेडेशन सूची को तत्काल अद्यतन (Update) करना, विद्यार्थियों के आधार सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण करना और छात्रवृत्ति हेतु बैंक खाते खुलवाना सुनिश्चित करें।समग्र विकास और कौशल संवर्धनबैठक में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर के साथ-साथ उनके व्यावसायिक कौशल विकास (Skill Development) पर विशेष चर्चा हुई। सचिव ने निर्देश दिए कि कक्षा 12वीं के बाद विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख कार्यक्रमों से जोड़ा जाए। पीएम श्री विद्यालय और विद्या समीक्षा केंद्र की नियमित निगरानी की जाए। वर्षा ऋतु से पूर्व जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत को प्राथमिकता से मरम्मत कराना, खेल गतिविधियों के लिए वार्षिक कैलेंडर जारी करना सुनिश्चित करें।बैठक में समग्र शिक्षा आयुक्त श्रीमती किरण कौशल, संचालक लोक शिक्षण श्री ऋतुराज रघुवंशी सहित्त शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बडी सख्या में उपस्थित थे।Spread the lovePost navigationवित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी से मिले कुलपति प्रो. दयाल कुम्हारी में दुर्घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा दुःख : मृतकों के परिजनों को 9-9 लाख रुपये सहायता राशि देने की घोषणा