
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर में रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट (RICU) का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में एम्स देश का एक अत्यंत विश्वसनीय और प्रतिष्ठित संस्थान है तथा सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा सेवाओं की बात आते ही एम्स का नाम सबसे पहले लिया जाता है।
राज्यपाल ने कहा कि यह देश के लिए गर्व का विषय है कि आज भारत के अधिकांश राज्यों में एम्स की स्थापना हो चुकी है। उन्होंने बताया कि एम्स रायपुर में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे स्पष्ट है कि यह संस्थान लोगों के भरोसे का केंद्र बन चुका है। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नवा रायपुर में एम्स के विस्तार के लिए पर्याप्त भूमि आवंटित की जानी चाहिए, ताकि बड़ी संख्या में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में सुपर स्पेशलिटी कार्डियक फैसिलिटी स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि मेडिकल कॉलेजों या एम्स में उन्नत हृदय रोग उपचार की सुविधाएं विकसित की जाएं, तो प्रदेश के मरीजों को इलाज के लिए अन्य राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के कारण मृत्यु दर में अपेक्षित कमी आई है, जो सकारात्मक संकेत है। हालांकि, वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे सभी क्षेत्रों में निरंतर प्रगति आवश्यक है।
डॉक्तरों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने कहा कि चिकित्सा पेशा एक ऐसा महान कार्य है, जो सीधे मानव सेवा से जुड़ा हुआ है। आज भी समाज का एक बड़ा वर्ग डॉक्टरों को भगवान का रूप मानता है और यही कारण है कि भारतीय डॉक्टरों को देश के साथ-साथ विदेशों में भी सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।
अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए राज्यपाल ने बताया कि जब उनकी माता बीमार रहती थीं, तब डॉक्टरों को देखते ही उनकी आधी चिंता दूर हो जाती थी। यह डॉक्टरों के प्रति आम लोगों के अटूट विश्वास को दर्शाता है।
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने एम्स रायपुर को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह संस्थान चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करता रहे और निरंतर मरीजों की सेवा में समर्पित भाव से कार्य करता रहे। इस अवसर पर संस्थान के अनेक चिकित्सक और अधिकारी उपस्थित थे।





