
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से शुरू हो चुका है, जो 19 दिसंबर 2025 तक चलेगा। सत्र के दूसरे दिन आज सदन में कार्यवाही काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है। सरकार जहां अपने एजेंडे के साथ आगे बढ़ेगी, वहीं विपक्ष भी विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।
आज की कार्यवाही में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न आयोगों और विश्वविद्यालयों की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा पटल पर प्रस्तुत की जाएगी। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।
ध्यानाकर्षण प्रस्तावों की रहेगी भरमार
सदन में नियम 138 के तहत कई ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाए जाएंगे। विधायक विक्रम मंडावी प्रदेश में जमीन की खरीदी-बिक्री से जुड़े मामलों को लेकर राजस्व मंत्री से जवाब मांगेंगे। वहीं विधायक शकुंतला स्वास्थ्य बीमा योजनाओं, निजी अस्पतालों में क्लेम निपटान और कैशलेस इलाज व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगी। इसके अलावा सड़क, पुल, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्रों से संबंधित जनहित से जुड़े विषय भी सदन में उठाए जाएंगे।
पहले दिन विकास के दीर्घकालिक विजन पर हुई चर्चा
शीतकालीन सत्र के पहले दिन सदन में “छत्तीसगढ़ अंजोर 2047” विजन डॉक्यूमेंट पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने राज्य के अगले 25 वर्षों के विकास की रूपरेखा सदन के सामने रखी। उन्होंने बताया कि यह विजन डॉक्यूमेंट छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर, समृद्ध और समावेशी राज्य बनाने की दिशा में तैयार किया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि तेजी से बदलते सामाजिक और आर्थिक परिवेश, शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन, तकनीकी प्रगति और युवाओं की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक सोच आवश्यक है। इसी उद्देश्य से “छत्तीसगढ़ अंजोर 2047” को राज्य के भविष्य का मार्गदर्शक दस्तावेज बनाया गया है।
कुल मिलाकर, शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन सियासी तौर पर काफी अहम माना जा रहा है, जहां सरकार की नीतियों और बजट पर सदन में तीखी बहस देखने को मिल सकती है।





