
बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोनी स्थित शासकीय पोल्ट्री फार्म में बड़ी संख्या में मुर्गियों की मौत से हड़कंप मच गया है। यहां पिछले कुछ दिनों में 5 हजार से अधिक मुर्गे-मुर्गियों की मौत हो गई है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और पशु चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड में आ गए हैं। शुरुआती जांच में संक्रमण की आशंका जताई जा रही है और इसे लेकर बर्ड फ्लू की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा रहा है।
मामले की पुष्टि के लिए मृत पक्षियों के नमूने जांच हेतु भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौतों की असली वजह क्या है।
सावधानी के तौर पर पोल्ट्री फार्म को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और आसपास के पांच किलोमीटर क्षेत्र को संवेदनशील जोन घोषित किया गया है। मृत पक्षियों को वैज्ञानिक तरीके से जमीन में दफन कर नष्ट किया गया है ताकि संक्रमण फैलने का खतरा न रहे।
बताया जा रहा है कि इस सरकारी पोल्ट्री फार्म में करीब 6 हजार से अधिक मुर्गियों का पालन किया जाता था। यहां से अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों को मुर्गी पालन के लिए चूजे उपलब्ध कराए जाते हैं।
जानकारी के अनुसार 18 मार्च से मुर्गियों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ था। शुरुआत में इसे सामान्य बीमारी समझा गया, लेकिन जब लगातार मौतों की संख्या बढ़ती गई तो अधिकारियों को सूचना दी गई।
घटना के बाद राज्य स्तर की विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के अनुसार यदि जांच में बर्ड फ्लू की पुष्टि होती है, तो संक्रमण को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्र में कड़े कदम उठाए जा सकते हैं और आसपास के अन्य पक्षियों को भी नष्ट करना पड़ सकता है।
प्रशासन ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।





