
रायपुर : रायपुर में बैंकिंग व्यवस्था को झकझोर देने वाला एक बड़ा आर्थिक अपराध उजागर हुआ है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की स्पेशलाइज्ड करेंसी मैनेजमेंट शाखा में पदस्थ एक वरिष्ठ अधिकारी को करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता के आरोप में हिरासत में लिया गया है। मामला सामने आने के बाद बैंकिंग और जांच एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक, शाखा में चीफ मैनेजर के पद पर कार्यरत विजय कुमार आहके पर आरोप है कि उन्होंने कार्यालय के आंतरिक खातों का दुरुपयोग कर बड़ी रकम निजी निवेश में लगा दी। जांच में सामने आया है कि बीते कई महीनों के दौरान अलग-अलग तरीकों से रकम को इधर-उधर कर कुल 2.78 करोड़ रुपये का गबन किया गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी ने बैंक के इंटरनल सिस्टम में कई बार फर्जी लेनदेन दर्शाकर राशि निकाली और उसे क्रिप्टोकरेंसी, कमोडिटी और डेरिवेटिव ट्रेडिंग में लगाया। रकम को ट्रैक से बचाने के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म और खातों का इस्तेमाल किया गया, जिससे शुरुआती तौर पर कोई तकनीकी अलर्ट नहीं बन सका।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी के रायपुर स्थित निवास पर छापा मारा। तलाशी के दौरान कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए, जिनसे लेनदेन की पुष्टि हुई। जांच में यह भी सामने आया कि बड़ी रकम आरोपी की पत्नी के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी, जिसे एजेंसियों ने जब्त कर लिया है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां उस पर भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत गबन तक सीमित नहीं है, बल्कि बैंकिंग सिस्टम की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पूरे नेटवर्क और संभावित लापरवाही की विस्तृत जांच जारी है।





