
रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने के बाद पुलिस का सख्त रुख साफ नजर आ रहा है। बीते सिर्फ 15 दिनों के भीतर पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए 800 से ज्यादा अपराध मामलों में एफआईआर दर्ज की है। इस दौरान गंभीर अपराधों से लेकर संगठित अवैध गतिविधियों तक पर प्रभावी शिकंजा कसा गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई में हत्या, सट्टेबाजी, नशीले पदार्थों की तस्करी, धोखाधड़ी और अवैध कारोबार से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, विशेष अभियान चलाकर सट्टा, गांजा और नशीली दवाओं के नेटवर्क को तोड़ा गया, जिसमें करीब डेढ़ करोड़ रुपये नकद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई।
इस अभियान के तहत ऑनलाइन सट्टा गिरोह, अंतरराज्यीय नशा तस्कर, फर्जी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी और लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों को भी दबोचा गया है। कमिश्नरी क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों को अपराध नियंत्रण को लेकर स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस ने शहर में निगरानी बढ़ाते हुए नियमित पेट्रोलिंग, संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी है। साथ ही विजुअल पुलिसिंग को प्राथमिकता देते हुए प्रमुख सड़कों और चौराहों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी लगातार चालानी कार्रवाई जारी है।
रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा है कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ यह कार्रवाई किसी एक समय तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नियमित और निरंतर रूप से आगे भी जारी रहेगी।
पुलिस प्रशासन का दावा है कि इस सख्ती का असर शहर में साफ दिखने लगा है। अपराध गतिविधियों में कमी आई है और आम नागरिकों में सुरक्षा को लेकर भरोसा मजबूत हुआ है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और शहर को सुरक्षित बनाए रखने में सहयोग करें।





