रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी रामलला दर्शन योजना के तहत आज भक्ति और उत्साह का अनुपम दृश्य देखने को मिला। बिलासपुर संभाग के विभिन्न जिलों से चयनित 850 श्रद्धालुओं को लेकर एक विशेष ट्रेन बिलासपुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। अब तक प्रदेश के 46 हजार 750 श्रद्धालु कुल 55 विशेष ट्रेनों के माध्यम से प्रभु राम के दर्शन कर चुके हैं।जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान हुआ स्टेशनविशेष ट्रेन को विधायक (बेलतरा) सुशांत शुक्ला ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष ललिता संतोष कश्यप सहित जिला प्रशासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड और आईआरसीटीसी के अधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने पुष्प वर्षा और तिलक लगाकर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। पूरा स्टेशन जय श्रीराम और रामलला हम आएंगे के नारों से सराबोर रहा।डबल सौभाग्य अयोध्या के साथ काशी विश्वनाथ के भी दर्शनइस यात्रा की विशेष बात यह है कि श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम के साथ-साथ वाराणसी में बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन का भी अवसर मिलेगा। यात्रियों ने इसे अपना जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य बताते हुए कहा कि एक ही यात्रा में दो प्रमुख ज्योतिर्लिंग और धामों के दर्शन मिलना सुखद है।श्रद्धालुओं ने जताया मुख्यमंत्री का आभारयात्रा पर रवाना हो रहे बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के यात्रियों की आंखें भावुक थीं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण अयोध्या जाने का सपना केवल एक कल्पना थी, जिसे राज्य सरकार ने पूरी गरिमा और निःशुल्क व्यवस्था के साथ साकार कर दिया है।योजना की मुख्य विशेषताएं और पात्रताछत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 2024 में शुरू की गई यह योजना सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बन गई है। रामलला दर्शन योजना के तहत यात्रा, भोजन, आवास, चिकित्सा और सुरक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करती है। आवेदक छत्तीसगढ़ का मूल निवासी हो और उसकी आयु 18 से 75 वर्ष के बीच हो। जिला कलेक्टर कार्यालय, जनपद पंचायत या नगर निगम से आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और मेडिकल फिटनेस अनिवार्य रखा गया है। Spread the lovePost navigationराज्यपाल रमेन डेका ने अपने काफिले से वाहन कम किए ’प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान से प्रेरित होकर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने छोड़ा विशेष प्रोटोकॉल वाहन’