सुकमा– नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी द्वारा जारी एक पर्चा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा को संबोधित करते हुए नक्सलियों ने कहा है कि वे हथियार छोड़कर बातचीत करने के लिए तैयार हैं।एक महीने का समय और सीजफायर की मांगनक्सली प्रवक्ता अभय के नाम से जारी पर्चे में लिखा है कि संगठन को आंतरिक चर्चा और जेल में बंद साथियों से राय लेने में लगभग एक माह का समय लगेगा। इस अवधि में सरकार से सीजफायर (युद्धविराम) लागू करने की अपील की गई है ताकि वार्ता की तैयारी की जा सके।हिंसा से उठे सवालहालांकि पर्चा 15 अगस्त को जारी हुआ था, लेकिन बीती शाम से सोशल मीडिया में यह वायरल हो रहा है। इसी बीच बीजापुर और सुकमा में शिक्षा दूतों और आदिवासियों की हालिया हत्याएं तथा दंतेवाड़ा में कल एक ग्रामीण की हत्या इस अपील पर सवाल खड़े करती हैं। लोग पूछ रहे हैं कि जब संगठन युद्धविराम चाहता है तो फिर निर्दोषों की हत्याएं क्यों जारी हैं।क्या है सीजफायरसीजफायर या युद्धविराम वह समझौता है जिसमें युद्धरत पक्ष आपसी सहमति से अस्थायी रूप से सभी सैन्य गतिविधियां रोकते हैं, ताकि शांति वार्ता, मानवीय सहायता या स्थायी समाधान का रास्ता तैयार किया जा सके।स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पर्चे की सत्यता की जांच कर रही हैं, जबकि आम लोग इस पहल को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।Spread the lovePost navigationस्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2025 : कलेक्टर ने अधिकारी-कर्मचारियों को दिलाई स्वच्छता शपथ उत्पीड़न के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट का संज्ञान, धर्मांतरण कानूनों पर राज्यों से जवाब तलब