नई दिल्ली – सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और राजस्थान के धर्मांतरण विरोधी कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए बुधवार को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने सभी राज्यों को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।याचिकाकर्ताओं के आरोपयाचिकाकर्ताओं ने कहा है कि इन कानूनों का दुरुपयोग करके अंतर-धार्मिक विवाह करने वाले जोड़ों को परेशान किया जा रहा है और यह निजी स्वतंत्रता में हस्तक्षेप है। उन्होंने कानूनों के अमल पर अस्थायी रोक लगाने की भी मांग की है।अगली सुनवाई छह सप्ताह बादसुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद तय की है। तब तक राज्यों को अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया पेश करनी होगी। यह मामला धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। Spread the lovePost navigationनक्सलियों का पर्चा वायरल, बोले—“हथियार छोड़ वार्ता को तैयार”, सरकार से मांगा एक माह का समय और सीजफायर वनकर्मियों का आक्रोश फूटा, सोनाखान रेंजर को हटाने की मांग पर अनिश्चितकालीन हड़ताल