Diwali 2025 : दीपावली 2025 केवल दीपों की रौशनी का पर्व नहीं, बल्कि आस्था, सौहार्द और समृद्धि का प्रतीक है। इस वर्ष दीपोत्सव का उत्सव 18 से 23 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह समय धन, सौंदर्य और पुण्य प्राप्त करने का सर्वश्रेष्ठ काल माना गया है। इस बार का दीपोत्सव छह दिनों तक चलेगा — धनतेरस से लेकर भाई दूज तक। आइए जानते हैं प्रत्येक दिन के महत्व, शुभ योग और पूजा मुहूर्त।धनतेरस – 18 अक्टूबर 2025 (Dhanteras Puja Muhurat)दीपोत्सव की शुरुआत धनतेरस से होती है। इस दिन भगवान धन्वंतरि और मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है।त्रयोदशी तिथि: 18 अक्टूबर दोपहर 12:18 बजे से 19 अक्टूबर दोपहर 1:51 बजे तक।पूजा मुहूर्त: शाम 7:15 से 8:19 बजे तक।प्रदोष काल: शाम 5:48 से 8:19 बजे तक।शुभ योग: ब्रह्म योग (18 अक्टूबर) और इंद्र योग (19 अक्टूबर)।खरीदारी मुहूर्त:अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11:43 से 12:29 तकलाभ चौघड़िया – 1:32 से 2:57 तकअमृत चौघड़िया – 2:57 से 4:23 तकलाभ चौघड़िया – 5:48 से 7:23 तक इस दिन सोना, चांदी या नए बर्तन खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। उपाय: संध्या समय यम दीपक अवश्य जलाएं।नरक चतुर्दशी – 19 अक्टूबर 2025 (Chhoti Diwali)नरक चतुर्दशी को रूप चौदस भी कहा जाता है। यह दिन नकारात्मक ऊर्जाओं से मुक्ति और शुद्धता का प्रतीक है।चतुर्दशी तिथि: 19 अक्टूबर दोपहर 1:51 से 20 अक्टूबर दोपहर 3:44 तक।पूजा समय: शाम 5:47 से 8:57 बजे तक।अभ्यंग स्नान मुहूर्त: 20 अक्टूबर सुबह 5:09 से 6:25 बजे तक।शुभ योग: सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग (शाम 5:49 से अगले दिन 6:25 तक)। इस दिन स्नान, दीपदान और श्रीकृष्ण की आराधना करने से पाप नष्ट होते हैं और रूप-सौंदर्य की वृद्धि होती है।महालक्ष्मी पूजा – 20 अक्टूबर 2025 (Diwali 2025)दीपावली का सबसे महत्वपूर्ण दिन — महालक्ष्मी पूजन। इस दिन घर-घर में दीप जलाए जाते हैं और लक्ष्मी माता का स्वागत किया जाता है।अमावस्या तिथि: 20 अक्टूबर दोपहर 3:44 से 21 अक्टूबर शाम 5:54 तक।लक्ष्मी पूजन मुहूर्त: शाम 7:23 से 8:27 बजे तक।प्रदोष काल: 5:57 से 8:27 तक।वृषभ काल: रात 7:23 से 9:22 बजे तक (सबसे शुभ)।निशीथ पूजा: 11:47 से 12:36 तक।चौघड़िया मुहूर्त:अमृत – सुबह 6:25 से 7:52शुभ – 9:18 से 10:45लाभ – 3:04 से 4:31अमृत – 4:31 से 5:57 उपाय: कमल पुष्प अर्पित करें और खीर का भोग लगाएं, धन-संपदा की वृद्धि होगी।गोवर्धन पूजा और अन्नकूट – 22 अक्टूबर 2025गोवर्धन पूजा का दिन श्रीकृष्ण के गोवर्धन पर्वत उठाने की स्मृति में मनाया जाता है। इस दिन अन्नकूट भोग लगाया जाता है।प्रतिपदा तिथि: 21 अक्टूबर शाम 5:54 से 22 अक्टूबर सुबह 8:16 तक।पूजा मुहूर्त:प्रातःकाल – 6:26 से 8:42 तक।सायं काल – 3:29 से 5:44 तक।गोधूलि मुहूर्त – 5:44 से 6:10 तक। महत्व: इस दिन गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा और अन्नकूट भोग लगाने से घर में अन्न और सुख-शांति की वृद्धि होती है।भाई दूज – 23 अक्टूबर 2025 (Bhai Dooj 2025)दीपोत्सव का अंतिम दिन भाई दूज का होता है, जो भाई-बहन के स्नेह और रक्षा के बंधन को समर्पित है।द्वितीया तिथि: 22 अक्टूबर रात 8:16 से 23 अक्टूबर रात 10:46 तक।तिलक का शुभ समय: दोपहर 1:13 से 3:28 बजे तक।अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 से 12:28 तक।विजय मुहूर्त: 1:58 से 2:43 तक। उपाय: बहनें भाई को तिलक लगाकर मिठाई खिलाएं और चंद्रमा को अर्घ्य दें, इससे दीर्घायु और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।Spread the lovePost navigationचन्दूलाल चन्द्राकर और मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार / पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान लोकसभा निर्वाचन -2024 राज्योत्सव विधानसभा आम निर्वाचन-2023 सूचना का अधिकार – सत्रह बिंदु मैनुअल जनसम्पर्क संचालनालय के राजपत्रित अधिकारियों की अंतिम पदक्रम-सूची छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति 2024-30 13 अक्टूबर 2025 सोशल मीडिया इस लेख को शेयर करें रायपुर : लघु वनोपजों से आत्मनिर्भरता की राह — मुख्यमंत्री श्री साय ने तय किया हरित विकास का रोडमैप लघु वनोपजों से आत्मनिर्भरता की राह कलेक्टर–डीएफओ कॉन्फ्रेंस: राज्य में वन धन केंद्रों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में ‘सुशासन संवाद’ कार्यक्रम सम्पन्न — जिलों के नवाचारों पर हुई विस्तृत चर्चा