पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों के घेराव से जुड़े मामले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपने हाथ में ले ली है। एजेंसी ने इस मामले में 12 एफआईआर दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उठाया गया है।जांच एजेंसी के मुताबिक, मालदा जिले के मोथाबाड़ी और कालियाचक थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों को दोबारा पंजीकृत किया गया है। इसके बाद एनआईए की टीमें घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुट गई हैं और सबूतों को इकट्ठा किया जा रहा है।सुप्रीम कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए इसे एनआईए को सौंपने का फैसला किया था। अदालत ने अपने विशेष संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए स्थानीय पुलिस से यह केस अपने पास लेने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही यह मामला सीधे तौर पर एनआईए अधिनियम के अंतर्गत न आता हो, फिर भी एजेंसी इसकी जांच कर सकती है।जानकारी के अनुसार, विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया के दौरान तैनात न्यायिक अधिकारियों को भीड़ ने घेर लिया था। इस घटना में तीन महिलाओं और एक बच्चे समेत कई अधिकारियों को करीब नौ घंटे तक बिना भोजन और पानी के रोके रखा गया था।मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य प्रशासन को फटकार लगाई और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। अदालत ने स्थानीय पुलिस से गिरफ्तार आरोपियों और मामले से जुड़े सभी दस्तावेज एनआईए को सौंपने के लिए भी कहा है।इसके अलावा अदालत ने एनआईए को यह भी अनुमति दी है कि जांच के दौरान यदि किसी बड़े षड्यंत्र या अन्य अपराध के संकेत मिलते हैं, तो एजेंसी अतिरिक्त एफआईआर भी दर्ज कर सकती है। कोर्ट ने जांच की प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया है।Spread the lovePost navigationPM Modi की उच्चस्तरीय बैठक, पेट्रोल-डीजल-एलपीजी आपूर्ति सुरक्षित रखने के निर्देश मुनीर की गतिविधियों से बढ़ी सियासी गर्मी, अमेरिका की भूमिका पर चर्चा तेज