गरियाबंद : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की सैटेलाइट तस्वीरों और ड्रोन सर्वे ने उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में जंगलों पर हो रहे बड़े पैमाने के कब्जे की सच्चाई सामने ला दी है। जांच में पता चला कि बीते डेढ़ दशक के दौरान यहां 106 हेक्टेयर वन क्षेत्र पर अतिक्रमण कर लगभग एक लाख पेड़ों को काट दिया गया।वन विभाग की पड़ताल में सीतानदी रेंज के जैतपुरी गांव का मामला सामने आया, जहां 166 लोगों द्वारा धीरे-धीरे वन भूमि पर कब्जा बढ़ाया गया। शुरुआती दौर में वर्ष 2011 के आसपास यह कब्जा करीब 45 हेक्टेयर तक सीमित था, लेकिन समय के साथ यह बढ़ते हुए 106 हेक्टेयर तक पहुंच गया। हैरानी की बात यह भी है कि कई आरोपियों के पास पहले से निजी जमीन होने के बावजूद उन्होंने अतिरिक्त लाभ के लिए वन क्षेत्र पर अतिक्रमण किया।पूरी कार्रवाई सैटेलाइट डेटा (2008, 2010, 2012 और 2022) और ड्रोन सर्वे के आधार पर की गई, जिससे हर अतिक्रमण को चिन्हित किया गया। जांच के दौरान पेड़ों के ठूंठों की गिनती कर पंचनामा तैयार किया गया और सबूतों के आधार पर सभी 166 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। कुछ स्थानों पर सबूत मिटाने के लिए ठूंठों में आग लगाए जाने के संकेत भी मिले हैं।वन विभाग ने सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर दिए हैं। प्रकरण में वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत सात साल तक की सजा और लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। साथ ही अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। खाली कराई गई जमीन पर दोबारा पौधारोपण कर जंगल को पुनर्जीवित करने की योजना है। विभाग का दावा है कि हाल के वर्षों में भी बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाकर सैकड़ों लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।Spread the lovePost navigationशिक्षकों के समर्पण से ही होगा शिक्षा का सशक्त निर्माण – मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े धान से भरा ट्रक नाले में गिरा, चालक और कंडेक्टर की दर्दनाक मौत