रायपुर : वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सृजन कक्ष में केलो विहार शासकीय कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी समिति, रायगढ़ के सदस्यों के साथ एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन रायगढ़ द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें आवासीय योजनाओं और लंबित प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने समिति के सदस्यों से सीधे बातचीत करते हुए आवास से जुड़े मुद्दों, लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे और पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर पात्र परिवार को आवासीय अधिकार और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।ओ.पी. चौधरी ने कहा कि केलो विहार पट्टा प्रकरण लंबे समय से लंबित और संवेदनशील मुद्दा रहा है। कई लोगों ने वर्षों पहले अपने घर बना लिए थे, लेकिन उन्हें कानूनी स्वामित्व नहीं मिल पाया था। अब पट्टा मिलने से लोगों के वर्षों पुराने सपने पूरे हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब प्रशासन संवेदनशीलता के साथ काम करता है, तभी जनता के जीवन में वास्तविक बदलाव आता है।कार्यक्रम में पात्र हितग्राहियों को अलग-अलग श्रेणियों में भूमि आवंटन के लिए मांग पत्र और पट्टे वितरित किए गए। 2400 वर्गफुट श्रेणी में डॉ. धनराज प्रसाद साहू, दुलीचंद देवांगन और एस.एच. खोड़यार को पट्टा दिया गया। 1800 वर्गफुट श्रेणी में भवानी शंकर पटनायक को, 1500 वर्गफुट श्रेणी में आई.एस. परिहार, केदारनाथ प्रधान और बासंती सरकार को, 1200 वर्गफुट श्रेणी में खगेश्वर पटेल और मथुरा प्रसाद नामदेव को तथा 960 वर्गफुट श्रेणी में सूर्यकुमार पांडा, त्रिलोकी नाथ पुजारी, श्रीवत्स पांडा और बालकृष्ण डनसेना को पट्टा प्रदान किया गया।जिला प्रशासन के अनुसार, पहले चरण में कुल 103 पात्र हितग्राहियों का चयन किया गया है और बाकी प्रकरणों पर नियमानुसार प्रक्रिया जारी है।इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे, अपर कलेक्टर रवि राही, संयुक्त कलेक्टर राकेश गोलछा सहित जिला प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी और समिति के सदस्य उपस्थित रहे।Spread the lovePost navigationपंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान के प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य मुलाकात: निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार को लेकर हुई विस्तृत चर्चा