नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए भीषण आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। इस हमले में अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल है, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (CCS) की आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें पांच अहम फैसले लिए गए। बैठक में शामिल रहे आला अधिकारीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीगृहमंत्री अमित शाहरक्षामंत्री राजनाथ सिंहविदेश मंत्री एस. जयशंकरराष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभालविदेश सचिव विक्रम मिस्त्रीबैठक के बाद विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन फैसलों की जानकारी दी।भारत के पांच बड़े फैसले:ऑटारी बॉर्डर चेक पोस्ट बंद भारत-पाकिस्तान के बीच मुख्य जमीनी संपर्क स्थल ऑटारी चेक पोस्ट को बंद किया जाएगा। इससे दोनों देशों के बीच सीमित आवाजाही भी पूरी तरह ठप हो जाएगी।इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास बंद होगा भारत ने फैसला लिया है कि वह पाकिस्तान में अपना दूतावास बंद करेगा, जो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों में ऐतिहासिक बदलाव है।इंडस वॉटर ट्रीटी स्थगित भारत ने इंडस जल संधि को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इससे पाकिस्तान की जल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ेगा।पाकिस्तानी राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश भारत में मौजूद सभी पाकिस्तानी राजनयिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है। नई दिल्ली स्थित पाक उच्चायोग के रक्षा, नौसेना और वायुसेना सलाहकारों को “पर्सोना नॉन ग्राटा” घोषित किया गया है।पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा नहीं मिलेगा अब किसी भी पाकिस्तानी को भारत का वीजा जारी नहीं किया जाएगा। पहले से जारी वीजा रद्द कर दिए गए हैं और 48 घंटे के भीतर भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है। अन्य अहम निर्णय:SAARC वीजा छूट योजना से पाकिस्तान को हटाया गया।भारत-पाक उच्चायोगों में स्टाफ संख्या घटाकर 30 की जाएगी (1 मई तक लागू)।सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।हमले की जांच NIA को सौंपी गई है, जिसने संदिग्धों के स्केच और तलाश शुरू कर दी है।PM मोदी ने रद्द किया सऊदी दौरा, लौटते ही बैठक कीहमले की गंभीरता को देखते हुए पीएम मोदी ने अपना सऊदी अरब दौरा बीच में छोड़कर भारत वापसी की। एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्होंने विदेश मंत्री, NSA और विदेश सचिव के साथ तत्काल बैठक की।इससे पहले गृहमंत्री अमित शाह ने पहलगाम के बैसारन इलाके का दौरा किया और हमले में घायल लोगों से अस्पताल जाकर मुलाकात की।NIA कर रही जांचहमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई है। एजेंसी की फॉरेंसिंग विंग ने संदिग्ध आतंकियों के स्केच जारी कर दिए हैं और पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।Spread the lovePost navigationजम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले में 26 की मौत, शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को पत्नी ने दी भावुक विदाई; आतंकियों की पहचान उजागर नई दिल्ली: नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रख्यात नेता और सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर को शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी आपराधिक मानहानि (डिफेमेशन) के एक मामले में कोर्ट द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट के आधार पर की गई। क्या है मामला? यह मामला वर्ष 2001 का है, जब दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मेधा पाटकर के खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया था। उस समय सक्सेना अहमदाबाद स्थित एनजीओ ‘नेशनल काउंसिल फॉर सिविल लिबर्टीज’ के प्रमुख थे। उनका आरोप था कि 25 नवंबर 2000 को मेधा पाटकर द्वारा जारी एक प्रेस नोट में उन्हें “कायर”, “देशविरोधी” और हवाला लेन-देन में शामिल” बताया गया था। साकेत कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विशाल सिंह ने कहा कि पाटकर जानबूझकर अदालत में पेश नहीं हुईं और उन्होंने सजा से संबंधित आदेशों की अवहेलना की। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि चूंकि सजा पर कोई स्थगन आदेश (stay order) नहीं है, इसलिए आरोपी को बलपूर्वक कोर्ट में पेश कराने की आवश्यकता बन गई थी। इसी के आधार पर दिल्ली पुलिस आयुक्त के माध्यम से गैर-जमानती वारंट जारी किया गया और शुक्रवार सुबह मेधा पाटकर को गिरफ्तार किया गया। क्या थी सजा? पिछले वर्ष मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मेधा पाटकर को 5 महीने की सजा 10 लाख का जुर्माना सुनाया था। पाटकर ने इसके खिलाफ अदालत में अपील की थी, जिसके बाद उन्हें जमानत मिल गई थी और सजा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया था। इस मामले की अगली सुनवाई 3 मई को निर्धारित की गई है, जिसमें कोर्ट आगे की कार्रवाई तय करेगा।