छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और संतुलित बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में शिक्षकों की काउंसलिंग सफलता के साथ पूरी कर ली गई है। यह काउंसलिंग 2 जून से 3 जून तक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थियों ने भाग लिया और जिले की शैक्षणिक संरचना को मजबूती देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल देखने को मिली।जिले में कुल 241 रिक्तियों के विरुद्ध विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों की काउंसलिंग की गई। सहायक शिक्षक पदों के लिए 157 रिक्तियों पर काउंसलिंग हुई, जिसमें 154 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक के 3 पदों में से 1 पर काउंसलिंग आयोजित की गई, जबकि शिक्षक वर्ग के 104 पदों में से 51 पर चयन प्रक्रिया हुई, जहाँ 65 अभ्यर्थियों ने भाग लिया।उच्च माध्यमिक स्तर के व्याख्याता पदों के लिए 36 में से 32 रिक्तियों पर काउंसलिंग हुई और सभी 36 अभ्यर्थी इस प्रक्रिया में सम्मिलित हुए। हालांकि प्रधान पाठक (उ.मा.शा.) और प्राचार्य पदों के लिए इस चरण में कोई काउंसलिंग आयोजित नहीं की गई।शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और वरिष्ठता के आधार पर संपन्न हुई है। काउंसलिंग के बाद चयनित शिक्षकों की नियुक्ति जल्द ही सुनिश्चित की जाएगी, जिससे जिले के स्कूलों में लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की कमी को प्रभावी रूप से दूर किया जा सकेगा।यह पहल न केवल प्रशासनिक पुनर्संरचना है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। राज्य सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि जहां छात्रों की संख्या अधिक है, वहाँ पर्याप्त और योग्य शिक्षक उपलब्ध कराए जाएं ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षण वातावरण मिल सके। यह काउंसलिंग जिले के विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी और उन्हें एक मजबूत शैक्षणिक आधार प्रदान करेगी।Spread the lovePost navigationफैक्ट्री मजदूर की गला रेतकर हत्या, कमरे में ताला लगाकर भागा आरोपी – तीन दिन बाद बदबू से हुआ खुलासा त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने हेतु सुपरवाइजरों का दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न