विदेश दौरे से लौटे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, जापान और दक्षिण कोरिया से छत्तीसगढ़ के लिए निवेश के बड़े रास्ते खुले

रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को अपने आठ दिन के जापान और दक्षिण कोरिया के विदेश दौरे के बाद रायपुर लौट आए। एयरपोर्ट पर उनका पारंपरिक और भव्य स्वागत किया गया। कर्मा और पंथी नृत्यों की प्रस्तुति से पूरा एयरपोर्ट परिसर करीब एक घंटे तक उत्सव में डूबा रहा। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने पुष्पवर्षा और गजमाला के साथ मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।
साय ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय का आभार जताते हुए कहा कि यह दौरा छत्तीसगढ़ के विकास और विदेशी निवेश के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया जापान यात्रा के दौरान 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 10 वर्षीय आर्थिक रोडमैप पर सहमति बनी है, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिलेगा।
जापान और कोरिया से निवेश की सहमति
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी यात्रा के दौरान जापान और दक्षिण कोरिया में एआई, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की सहमति बनी है। कई औद्योगिक संस्थानों ने प्रदेश में निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
जापानी और कोरियन भाषा में प्रस्तुति से निवेशकों का विश्वास
साय ने बताया कि ओसाका वर्ल्ड एक्सपो में छत्तीसगढ़ का पवेलियन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहां प्रतिदिन 30 हजार से अधिक लोग पहुंचे। छत्तीसगढ़ एकमात्र राज्य था जिसने अपनी औद्योगिक संभावनाओं की जानकारी जापानी भाषा में प्रस्तुत की, जिससे निवेशकों तक संदेश सीधे और प्रभावी ढंग से पहुंचा।
इसी तरह, पहली बार दक्षिण कोरिया पहुंचे छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने वहां की भाषा में राज्य की औद्योगिक नीति और संभावनाओं का परिचय दिया। इस दौरान आईसीसीके के साथ एमओयू भी हुआ, जिसके तहत वह राज्य का नॉलेज पार्टनर बनेगा और उद्योगों के लिए प्रशिक्षित जनशक्ति उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
विदेशी निवेश से प्रदेश को लाभ
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी इस यात्रा से छत्तीसगढ़ में एआई, सेमीकंडक्टर और रक्षा क्षेत्र सहित विभिन्न उद्योगों में निवेश के नए अवसर आएंगे। इससे प्रदेश न केवल देश बल्कि वैश्विक निवेश का भी बड़ा केंद्र बनेगा।
साय ने कहा, “छत्तीसगढ़ के विकास के लिए हमने यह साबित किया है कि हम केवल देश भर के बड़े निवेश केंद्रों तक सीमित नहीं रहेंगे। हम पूरी दुनिया में जाएंगे, छत्तीसगढ़ के उत्पादों के लिए बाजार बनाएंगे और राज्य में निवेश लेकर आएंगे।”





