बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव: लालू परिवार को 20 साल पुराने 10 सर्कुलर रोड बंगले से विदाई

पटना। बिहार की राजनीति में नया राजनीतिक भूचाल आया है। नई NDA सरकार के गठन के बाद राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला खाली करने का आदेश दिया गया है। यह बंगला पिछले 20 सालों से लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के लिए राजनीतिक रणनीति का केंद्र रहा है।
10 सर्कुलर रोड न केवल आवासीय सुविधा था, बल्कि बिहार की सियासी रणनीतियों का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता था। यहाँ से राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक योजनाएं बनाई जाती थीं। नई सरकार ने यह आदेश तुरंत प्रभाव से जारी कर, राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की दिशा संकेत दी है।
हालिया विधानसभा चुनावों में BJP के बढ़ते प्रभाव को इस फैसले से जोड़ा जा रहा है। राबड़ी देवी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में एक नया आवास भी आवंटित किया गया है। ऐसे में उनके पास 10 सर्कुलर रोड छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
पूर्व अनुभव बताते हैं कि सरकारी बंगले आवंटन को लेकर सियासी विवाद नई बात नहीं है। 2017 में जब सुशील मोदी डिप्टी CM बने, तब तेजस्वी यादव को उनका बंगला खाली करना पड़ा था, और अदालत ने भी इस मामले में सरकार के पक्ष को सही ठहराया था।
लालू परिवार ने इस फैसले पर आक्रोश जताया है। तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर इसे ‘भैयारी रिश्ते का अंत’ करार दिया। राजद नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि बदलते चुनावी समीकरण और BJP के बढ़ते राजनीतिक दबाव का परिणाम है।
NDA सरकार का कहना है कि यह कदम सरकारी आवासीय नियमों के अनुसार लिया गया है। लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे राज्य में सियासी संतुलन बदलने का संकेत मान रहे हैं। 10 सर्कुलर रोड से विदाई, केवल बंगला खाली करने की कार्रवाई नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।





