जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बारुपाटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ आरएचओ (रूरल हेल्थ ऑफिसर) अजय परिहार को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति लेने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद बस्तर कलेक्टर हरिस एस के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय बसाख ने निलंबन आदेश जारी किया।शिकायतों के आधार पर हुई थी जांचस्वास्थ्य विभाग को लंबे समय से अजय परिहार के खिलाफ फर्जीवाड़े की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई गई, जिसमें खुलासा हुआ कि परिहार ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों में हेराफेरी की थी। जांच में आरोप प्रमाणित होने के बाद उनके खिलाफ यह कड़ी कार्रवाई की गई।चुनावी तैयारी से पहले खुली पोलबताया जा रहा है कि अजय परिहार स्वास्थ्य कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन उससे पहले ही उनका यह फर्जीवाड़ा उजागर हो गया, जिससे उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया।स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप, अन्य नियुक्तियों की जांच भी शुरूइस निलंबन के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो अब अन्य अनुकंपा नियुक्तियों की भी पुनः समीक्षा की जाएगी। प्रशासन यह सुनिश्चित करने की कोशिश में है कि भविष्य में किसी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।CMHO ने कहा—सख्त कार्रवाई जारी रहेगीमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाख ने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विभाग अन्य मामलों की भी जांच कर रहा है, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।Spread the lovePost navigationCG क्राइम: 10 बार शादी, 10वीं बीवी का पत्थर से कुचलकर मर्डर पारिवारिक विवाद ने ली जान, छोटे भाई ने डंडे से मारकर बड़े भाई की हत्या की