नारायणपुर | छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के घने जंगलों में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में CPI (माओवादी) के महासचिव और शीर्ष वांछित नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजु उर्फ बीआर दादा उर्फ गगन्ना को सुरक्षाबलों ने मार गिराया। यह वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों की अब तक की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।सुरक्षा बलों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोण्डागांव जिलों से डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) की संयुक्त टीमें इस निर्णायक ऑपरेशन के लिए रवाना की गई थीं। विश्वसनीय खुफिया इनपुट के आधार पर 19 मई को ऑपरेशन शुरू किया गया था।21 मई को सुबह 1830 बजे, माओवादी दस्ते ने सुरक्षा बलों पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने रणनीतिक रूप से जवाब दिया। भीषण मुठभेड़ में कुल 27 माओवादी ढेर कर दिए गए, जिनमें से एक नंबाला केशव राव है। वह माओवादी संगठन का महासचिव, केंद्रीय सैन्य आयोग का प्रमुख, पोलित ब्यूरो सदस्य और केंद्रीय समिति का सदस्य था। उनकी उम्र लगभग 70 वर्ष थी और वे श्रीकाकुलम, आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे।ऑपरेशन की मुख्य उपलब्धियाँ:27 माओवादी मारे गए, जिनमें कई वरिष्ठ नेता शामिलभारी मात्रा में AK-47, INSAS, SLR, कार्बाइन सहित हथियार व गोला-बारूद बरामदबसवराजु की मौत से माओवादी संगठन को बड़ा झटकाजंगल में अभी भी सघन सर्च ऑपरेशन जारीबलिदान और बहादुरी:इस मुठभेड़ में एक डीआरजी जवान शहीद हुआ है, जिसका पार्थिव शरीर नारायणपुर लाया जा रहा हैकुछ जवान घायल भी हुए हैं, जिन्हें समय रहते इलाज मिल गया और अब वे खतरे से बाहर हैंSpread the lovePost navigationबस्तर ट्रैवल्स की बस पलटी, कई यात्री घायल, ओवरलोडिंग बनी हादसे की वजह अबूझमाड़ में गरजा सुरक्षा बलों का दम, एनकाउंटर में दो नक्सली मारे गए