रायपुर। छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराधों पर शिकंजा कसने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इस वर्ष प्रदेश में 9 नए साइबर पुलिस थानों की स्थापना की जाएगी। सरकार का उद्देश्य अगले 5 वर्षों में हर जिले में एक समर्पित साइबर थाना स्थापित करना है, जिससे साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।साइबर ठगी के चौंकाने वाले आंकड़े—एक साल में 107 करोड़ की ठगीराज्य में पिछले एक साल में साइबर ठगों ने जनता से 107 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की है। ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे एक विशेषीकृत पुलिस बल की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।इन जिलों को मिलेंगे नए साइबर थाने:महासमुंदबलौदाबाजारधमतरीजांजगीर-चांपाजशपुररायगढ़ (पिछले बजट में घोषित)कोरबा (पिछले बजट में घोषित)कवर्धा (पिछले बजट में घोषित)राजनांदगांव (पिछले बजट में घोषित)इन 9 थानों के खुलने के बाद प्रदेश में साइबर थानों की संख्या 15 हो जाएगी।हर थाने में होगी 10 सदस्यीय टीम, 100 नए SI तैनातप्रत्येक साइबर थाना में 10 पुलिसकर्मियों का सेटअप होगा, जिसमें शामिल होंगे:1 थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर)2 सब-इंस्पेक्टर (SI)2 हवलदार5 सिपाहीराज्य में हाल ही में भर्ती किए गए 975 सब-इंस्पेक्टरों में से 100 एसआई को विशेष साइबर क्राइम ट्रेनिंग देकर इन थानों में तैनात किया जाएगा। वहीं, रेंज मुख्यालयों पर डीएसपी रैंक के अधिकारियों की पोस्टिंग कर साइबर कैडर को और अधिक मजबूत किया जाएगा।अब तक कमज़ोर थी साइबर पुलिसिंग, अब आएगा बदलावएडीजी (तकनीकी सेवा) प्रदीप गुप्ता ने कहा, “नए थाने खोलने को शासन से मंजूरी मिल गई है और सेटअप भी फाइनल हो चुका है। बहुत जल्द यह थाने काम करना शुरू कर देंगे। इससे साइबर अपराधियों पर नियंत्रण पाने में काफी मदद मिलेगी।”साइबर कैडर को मिलेगी मजबूतीअब तक छत्तीसगढ़ में साइबर कैडर में बहुत कम भर्तियां हुई थीं, जिससे जांच और कार्रवाई में दिक्कतें आ रही थीं। सरकार ने टीआई से प्रमोट हुए डीएसपी और नई भर्ती एसआई को साइबर कैडर में तैनात कर इस सिस्टम को मजबूत करने का फैसला लिया है।Spread the lovePost navigationअलग-अलग राज्यों में होटल बनते रहे हैवानियत के अड्डे, आरोपी को पुलिस ने दबोचा जनपद कार्यालय बना ‘कमीशन बाजार’, इंजीनियर-ठेकेदार की जुबानी जंग कैमरे में कैद