रायपुर/भिलाई | छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर उस वक्त गरमा गई जब शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भिलाई स्थित पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास और दफ्तर पर छापेमारी की। यह कार्रवाई तड़के सुबह 6 बजे शुरू हुई, जिसमें ईडी अधिकारियों के साथ भारी संख्या में सीआरपीएफ जवान और स्थानीय पुलिस भी मौजूद रही।ईडी की यह छापेमारी शराब घोटाले से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस बार कार्रवाई पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल से संबंधित ठिकानों पर केंद्रित है।भूपेश बघेल ने इस छापेमारी की पुष्टि खुद सोशल मीडिया पर करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया। उन्होंने कहा कि आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है और वह अडानी द्वारा तमनार क्षेत्र में पेड़ों की कटाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को सदन में उठाने वाले थे। बघेल ने आरोप लगाया कि इसी कारण से केंद्र सरकार ने उनके घर पर ईडी की कार्रवाई करवाई।पिछली छापेमारी की यादयह पहली बार नहीं है जब भूपेश बघेल को ईडी की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। मार्च 2025 में भी उनके घर पर छापेमारी की गई थी। उस समय उन्होंने सफाई दी थी कि उनका परिवार संयुक्त रूप से खेती और डेयरी व्यवसाय से जुड़ा है और उनके पास जो संपत्ति है, वह घोषित और वैध है। उन्होंने बताया था कि उनके परिवार से करीब 33 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे, जो कि स्त्रीधन और घरेलू लेनदेन से संबंधित थे।कांग्रेस का समर्थनकांग्रेस के मीडिया विभाग ने भी इस छापेमारी की पुष्टि करते हुए इसे राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है। पार्टी ने केंद्र सरकार पर ईडी और अन्य एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।राजनीतिक हलचल तेजइस ताजा कार्रवाई ने प्रदेश की राजनीति को एक बार फिर उबाल पर ला दिया है। विधानसभा में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना जताई जा रही है। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि ईडी की कार्रवाई में क्या निकलता है और इसका आगामी राजनीतिक असर क्या होगा। Spread the lovePost navigationछत्तीसगढ़ अंजोर विज़न@2047 जनता को समर्पित जेल के अंदर चाकू-छुरी का खेल! कैदियों की जान पर आफत