BCCI बोला – फिट नहीं थे शमी, इंग्लैंड सीरीज खेलने से किया इनकार

नई दिल्ली : टीम इंडिया के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी एक बार फिर चर्चा में हैं। जहां एक ओर वह मैदान पर कड़ी मेहनत के साथ वापसी की तैयारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके इंग्लैंड दौरे से जुड़ी खबरें सुर्खियों में हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि शमी ने इंग्लैंड जाने से इनकार कर दिया था, लेकिन बीसीसीआई के सूत्रों ने अब इस पर बड़ा बयान दिया है।
लंबे अंतराल के बाद भी जारी है मेहनत
शमी ने मौजूदा रणजी ट्रॉफी में अब तक 93 ओवर गेंदबाजी की है, जिससे साफ है कि वह पूरी लगन से वापसी की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि उनका दोबारा टेस्ट क्रिकेट में खेलना मुश्किल नजर आ रहा है। वहीं, वनडे टीम में वापसी की संभावना भी फिलहाल कम ही दिख रही है।
35 वर्षीय शमी ने भारत के लिए आखिरी मैच मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी में खेला था। उसके बाद से वह चयन से बाहर हैं। 2023 वनडे विश्व कप के बाद उन्हें एड़ी की गंभीर चोट लगी थी, जिसके चलते सर्जरी करवानी पड़ी और वह लंबे समय तक टीम से दूर रहे।
क्या शमी ने इंग्लैंड दौरे से किया था इनकार?
- सूत्रों के मुताबिक, चयन समिति और बीसीसीआई स्टाफ ने कई बार शमी से संपर्क साधने की कोशिश की थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि,
- “चयनकर्ता शमी से लगातार संपर्क में थे और उन्होंने इंग्लैंड दौरे के लिए उनकी उपलब्धता पूछी थी। लेकिन शमी ने कहा कि वे अभी पूरी तरह तैयार नहीं हैं और अपना कार्यभार बढ़ाने की प्रक्रिया में हैं।”
- दरअसल, चयन समिति चाहती थी कि शमी कैंटरबरी या नॉर्थम्पटन में इंग्लैंड लायंस के खिलाफ भारत ए की ओर से एक अभ्यास मैच खेलें ताकि उनकी फिटनेस परख सकें। लेकिन शमी ने खुद संकेत दिया कि वह अभी श्रृंखला के लिए पूरी तरह फिट नहीं हैं और उन पर विचार न किया जाए।
बीसीसीआई का रुख स्पष्ट
बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी कहा,
“यह कहना कि शमी से कोई बातचीत नहीं हुई, गलत है। उनकी मेडिकल रिपोर्ट बोर्ड के पास है और मेडिकल टीम लगातार उनकी रिकवरी की निगरानी कर रही है।”
वहीं, चयन समिति का मानना है कि शमी की फिटनेस टेस्ट स्तर पर लंबे स्पैल के लिए फिलहाल पर्याप्त नहीं है, क्योंकि वह रणजी मैचों में अपेक्षाकृत छोटे स्पैल फेंक रहे हैं।
भविष्य को लेकर संशय बरकरार
हालांकि शमी अब खुद को 50 ओवर के प्रारूप के लिए फिट मानते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय चयनकर्ताओं और बोर्ड के हाथ में होगा। भारतीय टीम इस समय तेज गेंदबाजों की नई पीढ़ी — जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और आकाशदीप — पर निर्भर कर रही है।
ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले समय में शमी का अंतरराष्ट्रीय करियर निर्णायक मोड़ पर है।





