दिल्ली-NCR में जीवन कठिन, लोग स्वच्छ और सुरक्षित इलाकों की तलाश में

दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण अब निवासियों के दैनिक जीवन, स्वास्थ्य और भविष्य की योजनाओं पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है। हालिया सर्वेक्षण में यह सामने आया है कि दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, गाज़ियाबाद और फरीदाबाद के लोग लगातार जहरीली हवा से प्रभावित हो रहे हैं। Smytten PulseAI द्वारा 4,000 लोगों पर किए गए सर्वे में 80% से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं—जैसे लगातार खांसी, थकान और सांस लेने में जलन—का सामना करने की बात बताई।
सर्वे में यह भी पाया गया कि 76.4% लोग बाहरी गतिविधियों को कम कर चुके हैं, जिससे घर एक तरह से “सुरक्षा कैद” जैसा बन गया है। प्रदूषण के चलते 79.8% लोग दिल्ली-NCR से किसी सुरक्षित स्थान पर जाने की सोच रहे हैं, जिसमें से 33.6% लोग सक्रिय रूप से शिफ्ट होने की तैयारी कर रहे हैं और 15.2% लोग पहले ही पलायन कर चुके हैं।
37% लोग ऐसे क्षेत्रों की तलाश कर रहे हैं, जहाँ औद्योगिक गतिविधि कम हो और हवा साफ हो, जैसे पहाड़ी इलाके और छोटे शहर। इस पलायन का प्रमुख कारण है स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण की तलाश, ताकि रोज़ाना “ब्रीदिंग ऐप” से स्वास्थ्य की चिंता न करनी पड़े।
सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि प्रदूषण का आर्थिक असर गहरा है। 85.3% परिवारों के घरेलू खर्च बढ़ गए हैं, जबकि 41.6% लोग वित्तीय दबाव का सामना कर रहे हैं। Smytten PulseAI के सह-संस्थापक स्वागत सारंगी के अनुसार लगातार खराब हवा लोगों के स्वास्थ्य, खर्च और जीवनशैली पर गहरा प्रभाव डाल रही है। उनका कहना है कि यह सिर्फ पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि जीवन की गुणवत्ता से जुड़ा गंभीर खतरा बन चुका है।





