केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में पेश किया महत्त्वपूर्ण बिल, नाम – ‘विकसित भारत– जी राम जी बिल’

नई दिल्ली: केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज लोकसभा में “विकसित भारत–जी राम जी (VB–G RAM G) विधेयक 2025” पेश किया। इस विधेयक के तहत ग्रामीण क्षेत्र में हर वर्ष 125 दिनों का मजदूरी रोजगार देने की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस बिल का उद्देश्य गरीबों का कल्याण और गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार इस योजना के लिए 95,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी।
उन्होंने आगे कहा कि पहले भी रोजगार योजनाएं लागू हुई हैं, जैसे जवाहर रोजगार योजना, लेकिन अब यह बिल अधिक मजबूत और प्रभावी रूप से गरीब कल्याण और गांवों के विकास पर केंद्रित है। विशेष रूप से पिछड़े और कम विकसित पंचायतों को अधिक काम देने का प्रावधान इसमें किया गया है।
शिवराज सिंह ने महात्मा गांधी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि यह योजना समाज के सबसे पीछे रहे वर्गों के लिए है। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत कांग्रेस और यूपीए ने 2.13 लाख करोड़ रुपये खर्च किए थे, जबकि वर्तमान सरकार ने गरीब कल्याण पर 8.53 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। नए बिल के तहत 125 दिनों की रोजगार गारंटी और इसके लिए 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि का प्रावधान किया गया है।
मंत्री ने कहा कि इस बिल से न केवल मजदूरी रोजगार में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र का सम्पूर्ण विकास, कृषि और मजदूरी में संतुलन, और गरीबों की गरिमा सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि योजना में महिला, बुजुर्ग, दिव्यांग और अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए विशेष सुरक्षा और लाभ भी शामिल हैं।
शिवराज सिंह ने कहा, “बिल गांधी जी की विचारधारा और राम राज्य की अवधारणा के अनुरूप है। इसका उद्देश्य गरीबों को रोजगार, सम्मान और आत्मनिर्भरता देना है।”
इस विधेयक के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, विकास और कल्याण की दिशा में नया युग शुरू होने की उम्मीद है।





