ऑनलाइन ट्रेडिंग और यूपीआई ठगी के झांसे में आए कई शिकार, रायपुर पुलिस ने दर्ज की FIR

रायपुर। राजधानी रायपुर में साइबर फ्रॉड का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें अलग-अलग शिकारियों के खाते से लाखों रुपये की ठगी हुई है। पुलिस ने शिकायतों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ट्रांसपोर्ट कारोबारी से 71.5 लाख की ठगी
सरस्वती नगर थाना क्षेत्र के बजरंग चौक, कोटा निवासी 47 वर्षीय ट्रांसपोर्ट कारोबारी डाकेश्वर सिंह से जून से सितंबर 2025 के बीच ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर 71 लाख 50 हजार रुपये की ठगी की गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी श्रेया अग्रवाल, अराध्या अग्रवाल, हर्षवर्धन और नीरज अग्रवाल समेत अन्य ने फेसबुक और व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क कर चार गुना मुनाफे का लालच दिया। शुरुआत में थोड़ी रकम पर प्रॉफिट दिखाकर भरोसा दिलाया गया। जब पीड़ित ने रकम निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने टैक्स और पेनल्टी का बहाना बनाकर और पैसे जमा करने का दबाव बनाया।
दुर्ग निगम के एमआइसी प्रभारी से 89 हजार रुपये की धोखाधड़ी
नगर निगम दुर्ग के मठपारा वार्ड पार्षद व एमआइसी प्रभारी नरेन्द्र बंजारे भी ठगी का शिकार हुए। अज्ञात आरोपी ने यूपीआई के माध्यम से उनके बचत खाते से 89,500 रुपये निकाल लिए। प्रार्थी ने कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई है, और पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
मेडिकल रिप्रेजेंटिव से डेढ़ लाख की ठगी
ठेठवार पारा वार्ड निवासी मेडिकल रिप्रेजेंटिव देवराज देवांंगन के बैंक खाते से 8 और 9 सितंबर के बीच अज्ञात आरोपियों ने यूपीआई और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कुल 1.5 लाख रुपये निकाल लिए। इसमें सेलरी अकाउंट, फिक्स्ड डिपाजिट और क्रेडिट कार्ड से लोन ट्रांजेक्शन शामिल हैं।
पुलिस ने सभी मामलों में धोखाधड़ी की धारा के तहत जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई करने का प्रयास किया जा रहा है।





