Kartika Purnima : हिंदू धर्म में अनेक तीज-त्योहार और शुभ अवसर भगवान की पूजा-अर्चना के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं, लेकिन कार्तिक मास का महीना विशेष रूप से भगवान विष्णु के लिए समर्पित होता है। इस पूरे महीने में किया गया स्नान, पूजा और दान सौ गुना अधिक फलदायी माना जाता है।कार्तिक पूर्णिमा, जो इस महीने का अंतिम दिन होता है, धर्म और दान के दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिन किया गया दान न केवल पापों को दूर करता है, बल्कि घर में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और ईश्वर की कृपा भी बनाए रखता है।इस दिन कौन-कौन सी चीजें दान करना शुभ है, इसका विशेष महत्व है:अन्न दान – गेहूं, चावल, दाल, आटा या चीनी का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर में अन्न का भंडार कभी खाली नहीं होता।दीपदान – घर के पास किसी मंदिर या घाट पर दीप जलाना अंधकार को दूर कर जीवन में उजाला लाता है।तिल, गुड़ और घी का दान – यह दान स्वास्थ्य, संपन्नता और भगवान विष्णु एवं मां लक्ष्मी की अनंत कृपा दिलाता है।कपड़े दान – विशेषकर गर्म कपड़े या कंबल देने से परिवार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहती।भोजन और मीठे व्यंजन का दान – ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को भोजन कराना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।दान करने से पहले कुछ साधारण लेकिन महत्वपूर्ण नियमों का पालन करना चाहिए:सुबह उठकर स्नान करें। यदि आप पवित्र नदियों से दूर रहते हैं तो घर के जल में गंगाजल या यमुनाजल मिलाकर स्नान करें। इससे पुण्य का फल वैसा ही मिलता है, जैसे पवित्र नदियों में स्नान करने से मिलता।स्नान के बाद मन को पवित्र बनाकर, सच्चे भाव और संकल्प के साथ दान करें।इस तरह कार्तिक पूर्णिमा का दिन केवल पुण्य कमाने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन में संपन्नता, स्वास्थ्य और ईश्वर की कृपा प्राप्त करने का भी सुनहरा अवसर है। Spread the lovePost navigationगुरु नानक प्रकाश पर्व 2025: कीर्तन, लंगर और प्रभात फेरियों से गूंजे देश 1 दिसंबर से सजेगा संसद का सत्र, चर्चा में रहेंगे कई बड़े बिल