IIT भिलाई में छात्र की मौत पर हड़कंप, जांच समिति बनी — डॉक्टर पर गिरी गाज

भिलाई | आईआईटी भिलाई में बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र सौमिल साहू की रहस्यमयी मौत के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। डायरेक्टर राजेश प्रकाश ने प्रारंभिक जांच के आधार पर कैंपस डॉक्टर को निलंबित कर दिया है। साथ ही, इस मामले की गहराई से जांच के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है। समिति में एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टर, सरकारी अधिकारी और छात्र प्रतिनिधि शामिल रहेंगे। प्रशासन का कहना है कि समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों का विरोध, कैंपस में बढ़ा तनाव
इस घटना के बाद आईआईटी भिलाई परिसर में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार को छात्रों ने कैंडल मार्च निकालते हुए अपने साथी सौमिल साहू को श्रद्धांजलि दी और “वी वांट जस्टिस”, “लापरवाही की कीमत जान से क्यों?” जैसे पोस्टरों के साथ प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
छात्रों का आरोप है कि संस्थान की स्वास्थ्य सुविधाएं बेहद कमजोर हैं और समय पर इलाज न मिलने के कारण सौमिल की जान गई।
“CBI जांच से ही मिलेगा न्याय”
बीटेक के छात्र जोसेफ ने बताया कि छात्र लगातार 12 घंटे से प्रबंधन से संवाद की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा —
“हमारी सिर्फ एक मांग है — इस घटना की CBI जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।”
छात्रों ने यह भी चेतावनी दी है कि जब तक मौत के कारणों की संतोषजनक जांच नहीं होती और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक विरोध जारी रहेगा।
कैसे हुई थी घटना
मूल रूप से मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम निवासी सौमिल साहू आईआईटी भिलाई में बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र थे। 11 नवंबर की रात उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई — हॉस्टल में चक्कर आने के बाद उन्हें प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, जेवरा चौकी प्रभारी खगेंद्र पठारे ने बताया कि शव का पोस्टमॉर्टम सुपेला अस्पताल में किया गया और परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल मौत के कारणों की पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
सवालों के घेरे में IIT प्रबंधन
सौमिल की मौत ने आईआईटी भिलाई की चिकित्सा व्यवस्था और छात्र सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और अभिभावकों ने मांग की है कि इस घटना को “एक चेतावनी” के रूप में लिया जाए ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।




