रायपुर। सरकारी संस्थानों में बढ़ते भ्रष्टाचार के मामलों के बीच एक और बड़ा घोटाला सामने आया है। ताज़ा मामला सहकारी विभाग से जुड़ा है, जहां तीन कर्मचारियों ने मिलकर 2 करोड़ 27 लाख 65 हजार 260 रुपये की हेराफेरी की है।जांच में खुलासा हुआ है कि सहायक समिति प्रबंधक मनोज कुमार गुप्ता, कंप्यूटर ऑपरेटर मुकेश यादव और भृत्य दिलीप राठिया ने आपसी मिलीभगत से यह भारी भरकम घोटाला अंजाम दिया। तीनों पर आरोप है कि इन्होंने खातों में हेरफेर कर सरकारी धन को निजी उपयोग के लिए निकाल लिया।जांच के बाद खुला घोटाले का पर्दाफाशसंदेहास्पद लेन-देन की शिकायत पर जब उच्चाधिकारियों ने जांच के आदेश दिए, तो सारा मामला सामने आया। डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजेक्शन और दस्तावेजों की बारीकी से जांच के बाद यह पाया गया कि संबंधित कर्मचारियों ने योजनाबद्ध तरीके से सरकारी धन का गबन किया है।मामला दर्ज, कार्रवाई की तैयारीइस मामले में जल्द ही आपराधिक मामला दर्ज कर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं विभागीय स्तर पर भी इनके खिलाफ निलंबन और अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई हैSpread the lovePost navigationCG तेंदूपत्ता घोटाला: करोड़ों के बोनस घपले में बड़ी कार्रवाई, पूर्व DFO अशोक पटेल गिरफ्तार “सुहाग” फिल्म में छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों का सजीव चित्रण – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय