रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने लेक्सस इंडिया और टोयोटा किर्लोस्कर मोटर्स के खिलाफ महत्त्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने दोनों कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे शिकायतकर्ता को 45 दिनों के भीतर नई कार उपलब्ध कराएं या कार की पूरी कीमत 6% वार्षिक ब्याज के साथ वापस करें।शिकायतकर्ता ने अपनी लेक्सस RX350H हायब्रिड कार में गंभीर मैन्युफैक्चरिंग दोष की शिकायत की थी। शिकायत में स्टार्टिंग प्रॉब्लम, चलते समय अचानक बंद होना और बैटरी करंट लीक जैसी खराबियों का उल्लेख था।आयोग ने कंपनियों के साथ-साथ ग्राहक को मानसिक पीड़ा और प्रताड़ना के लिए ₹50,000 और वाद व्यय के रूप में ₹15,000 भुगतान करने का भी आदेश दिया है। कुल रिफंड राशि ₹1,01,31,174 निर्धारित की गई है।उपभोक्ता आयोग ने स्पष्ट किया कि मैन्युफैक्चरिंग दोष, सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार के मामलों में कंपनियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। यह फैसला उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा में एक नया मील का पत्थर माना जा रहा है और उद्योग जगत को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने का संदेश देता है।Spread the lovePost navigationअमित शाह का बड़ा दावा: 31 मार्च 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद होगा समाप्त दिलीप कुमार वर्मा बने राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष