बाजार में CSB Bank का शेयर टूटा, 22% गिरावट के पीछे क्या है वजह

नई दिल्ली : पिछले महीने CSB बैंक के शेयर में करीब 22% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। बैंक की लोन बुक में गोल्ड लोन का हिस्सा लगभग 50% है, जिसे आमतौर पर हाई यील्ड और कम रिस्क वाला माना जाता है। ऐसे में इस गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है।
एसेट क्वालिटी में कमजोरी
दिसंबर तिमाही में बैंक की एसेट क्वालिटी कमजोर हुई। ग्रॉस और नेट NPA बढ़े, स्लिपेज मुख्य रूप से SME सेगमेंट से आई और क्रेडिट कॉस्ट में बढ़ोतरी हुई। इसके चलते मुनाफा लगभग फ्लैट रहा, जबकि बैंक का बिजनेस ग्रोथ मजबूत रहा।
मार्जिन गाइडेंस में कटौती
मैनेजमेंट ने नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) का गाइडेंस 4% से घटाकर 3.7–3.9% कर दिया। बढ़ते कॉम्पिटिशन के कारण फंड की लागत में ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं है, जिससे भविष्य में कमाई पर दबाव रह सकता है।
मजबूत ग्रोथ के साथ बढ़ता जोखिम
नेट एडवांस में साल-दर-साल 28% ग्रोथ हुई (इंडस्ट्री ~14%), गोल्ड लोन में 46% वृद्धि और डिपॉजिट में 21% बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो 92% तक पहुंच गया, जो बैंक की आक्रामक लेंडिंग और बढ़ते जोखिम को दर्शाता है।
गोल्ड लोन पर निर्भरता
बैंक का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो 50% है, जिसकी यील्ड 11–11.5% है। क्रेडिट कॉस्ट कम है और रिस्क वेट मॉडरेट है। हालांकि, अगर सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आती है, तो गोल्ड लोन के वैल्यूएशन पर असर पड़ सकता है।
संभावित मर्जर फैक्टर
CSB बैंक का प्रमोटर Fairfax Financial है, जो IDBI Bank के लिए संभावित बोलीदाता माना जा रहा है। अगर IDBI के साथ मर्जर की दिशा में कदम बढ़ते हैं, तो शेयर में उतार-चढ़ाव संभव है।
क्या निवेश करना चाहिए?
लॉन्ग टर्म निवेशक इस गिरावट को अवसर मान सकते हैं। शॉर्ट टर्म में NPA और मार्जिन दबाव चिंता का विषय हैं। अगले तिमाही में NPA सुधार पर नजर रखी जाएगी।
20 फरवरी को CSB बैंक का शेयर 3% गिरकर ₹385.65 पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि गिरावट की मुख्य वजह कमजोर एसेट क्वालिटी और मार्जिन गाइडेंस में कटौती है, न कि गोल्ड लोन बिजनेस की कमजोरी। लॉन्ग-टर्म निवेश से पहले जोखिम सहनशीलता और बैंक के आगामी नतीजों पर ध्यान देना जरूरी है।





