रायपुर। नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) में शुक्रवार को देश के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और गोपनीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के प्रमुख तपन डेका ने की। बैठक का मुख्य फोकस नक्सल विरोधी अभियानों की समीक्षा और छत्तीसगढ़ की आंतरिक सुरक्षा रणनीति को मजबूत करना रहा।करीब ढाई घंटे तक चली इस उच्चस्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, नक्सल ऑपरेशंस के डीजी, CRPF, SSB और अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों तथा स्थानीय इंटेलिजेंस यूनिट्स के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।बैठक में विशेष रूप से बस्तर और अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे अभियानों की प्रगति की समीक्षा की गई और आगामी रणनीति का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया। यह अब तक के सबसे बड़े नक्सल विरोधी अभियान की समीक्षा मानी जा रही है।इसके साथ ही, हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ की आंतरिक सुरक्षा स्थिति पर भी चर्चा की गई। तपन डेका ने राज्य के संवेदनशील क्षेत्रों में संभावित खतरों को लेकर लोकल इंटेलिजेंस अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।गोपनीयता के चलते मीडिया को बैठक से दूर रखा गया और किसी भी अधिकारी द्वारा औपचारिक बयान नहीं दिया गया। यह स्पष्ट संकेत है कि बैठक पूरी तरह से रणनीतिक और सुरक्षा विषयों तक ही सीमित रही।इस हाईलेवल मीटिंग से यह संकेत मिलता है कि राज्य और केंद्र सरकारें मिलकर नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की दिशा में सक्रियता से काम कर रही हैं। आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ में अधिक व्यापक और तीव्र अभियानों की संभावना जताई जा रही है।Spread the lovePost navigationपीएम आवास निर्माण में रायगढ़ ने मारी बाजी,रिकॉर्ड समय में 14,541 आवास पूर्ण, मिशन मोड में हुआ कार्य अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर विशेष लेख : श्रमिकों की मेहनत का राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान