रायपुर/बिलासपुर। रेलवे में ठेका दिलाने के लिए अधिकारियों को लाखों रुपये की रिश्वत देने के आरोप में गिरफ्तार ठेकेदार सुशील झाझरिया की जमानत याचिका पर बड़ा फैसला आया है। मामले में झाझरिया ने गंभीर बीमारी (किडनी रोग) का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की मांग की थी, लेकिन सुनवाई के दौरान याचिका वापस ले ली गई, जिस पर हाईकोर्ट ने आवेदन निराकृत कर दिया।झाझरिया के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी थी कि वह गंभीर रूप से बीमार हैं और किडनी रोग से पीड़ित हैं। इलाज में देरी से उनके अन्य अंगों पर भी असर पड़ सकता है, जिससे कोई अप्रिय घटना हो सकती है। इसी आधार पर तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी।सीबीआई के अधिवक्ता बी. गोपा कुमार ने याचिका का कड़ा विरोध किया और कहा कि मामला अत्यंत गंभीर है तथा साक्ष्य स्पष्ट हैं। सीबीआई ने कोर्ट से कहा कि पहले मेडिकल दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाए और जेल या अन्य अस्पताल में इलाज की विस्तृत चिकित्सा रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।सुनवाई के बाद झाझरिया की ओर से आवेदन स्वेच्छा से वापस ले लिया गया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए निराकृत कर दिया। अब तक की कार्रवाई में झाझरिया सहित रेलवे निर्माण विभाग के पूर्व अधिकारी समेत कई लोगों को सीबीआई गिरफ्तार कर चुकी है।Spread the lovePost navigationसरकारी कर्मचारियों के लिए नई उपस्थिति प्रणाली लागू, 15 जून से आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य CG ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ के सभी स्कूलों के समय में बदलाव, अब जानिए नई कक्षाओं की समय-सारणी