मृत व्यक्तियों के नाम पर राशन लेने वालों को नोटिस, होगी रिकवरी कार्रवाई

रायपुर। प्रदेश में लंबे समय से मृत व्यक्तियों के नाम पर राशन उठाए जाने के मामलों पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने राज्यभर में एक लाख से अधिक मृत सदस्यों के नाम राशन कार्ड से हटाए हैं। अब जिन परिजनों ने इन मृत सदस्यों के नाम से महीनों या वर्षों तक राशन उठाया है, उनसे वसूली (रिकवरी) की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और उन्हें नोटिस भेजे जाएंगे।
ई-केवाईसी में गड़बड़ी से खुला बड़ा फर्जीवाड़ा
33 लाख सदस्यों की ई-केवाईसी तिथि बार-बार बढ़ाने के बावजूद अपडेट नहीं हुई। इसके बाद विभाग ने संदिग्ध सदस्यों की एक विस्तृत सूची तैयार की और उनका भौतिक सत्यापन करवाया।
जांच में सामने आया कि कई सदस्य वर्षों पहले ही मृत हो चुके हैं, लेकिन उनके नाम से अब भी उचित मूल्य की दुकानों से राशन लिया जा रहा था।
रायपुर जिले में 19,683 सदस्य मृत पाए गए
अभी तक सिर्फ रायपुर जिले में ही 19,683 मृत सदस्यों की पहचान की जा चुकी है और उनके नाम राशन कार्ड से हटा दिए गए हैं।
इसके अलावा हजारों सदस्य अब भी संदिग्ध सूची में शामिल हैं, जिनकी जांच जारी है। जल्द ही इनके नाम भी हटाए जाएंगे।
राशन कार्ड ब्लॉक होने की तैयारी
विभाग ने संदिग्ध सदस्यों की सूची को ऑनलाइन पोर्टल पर ब्लॉक करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। ब्लॉक होते ही इन सदस्यों के नाम से राशन उठाना पूरी तरह बंद हो जाएगा। माना जा रहा है कि दिसंबर या जनवरी में इस पर विस्तृत कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
कड़ाई से होगी वसूली
जिन परिवारों ने मृत सदस्यों के नाम से राशन लिया है, उन्हें विभाग की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा।
• कितने समय तक फर्जी तरीके से राशन लिया गया,
• कितनी मात्रा उठाई गई,
• उसकी कुल कीमत कितनी है—
इन सभी पहलुओं के आधार पर रिकवरी की जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि राशन प्रणाली को पारदर्शी और स्वच्छ बनाने के लिए मृत, ग़ैर-हाजिर और प्रदेश छोड़ चुके सदस्यों के नाम हटाए जाते रहेंगे।





