टोक्यो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिगेरू इशिबा ने शुक्रवार को टोक्यो स्थित कांटेई में आयोजित 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया। बैठक में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, जापान में भारत के राजदूत सिबी जॉर्ज और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। पीएम मोदी का कांटेई पहुंचने पर औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।शिखर सम्मेलन से पहले दोनों नेताओं ने भारत-जापान आर्थिक मंच को संबोधित किया, जिसमें ऑटोमोबाइल, बैटरियों, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर्स, शिपबिल्डिंग और परमाणु ऊर्जा समेत विभिन्न क्षेत्रों के सीईओ और कारोबारी नेता मौजूद थे। पीएम मोदी ने कहा कि टेक-टैलेंट का मेल, ग्रीन एनर्जी और अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे में सहयोग दोनों देशों के भविष्य को और मजबूत करेगा।मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा से भी मुलाकात की और व्यापार, तकनीकी सहयोग और मानव संसाधन गतिशीलता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि किशिदा हमेशा से भारत-जापान संबंधों के मजबूत समर्थक रहे हैं और नई तकनीकों जैसे सेमीकंडक्टर में अपार संभावनाएं हैं। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा से भी चर्चा की, जो वर्तमान में जापान-इंडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं।पीएम मोदी के स्वागत में जापान में बसे भारतीय समुदाय ने पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों को सुरक्षित रखते हुए जापानी समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।जापान यात्रा पूरी करने के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन के तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे।भारत-जापान शिखर सम्मेलन ने दोनों देशों के व्यापार, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।Spread the lovePost navigationप्रधानमंत्री मेलोनी की बहन और इन्फ्लुएंसर्स भी स्कैंडल की शिकार, पीडी पार्टी नेताओं ने कड़ा विरोध जताया जापान दौरे पर पीएम मोदी, सेंडाई में भारतीय रेल कर्मचारियों से मिले