रायपुर : केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आज सभी राज्यों के परिवहन और स्वास्थ्य मत्रियों के साथ पीएम राहत योजना की बैठक ली। इस बैठक में परिवहन मंत्री केदार कश्यप और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल वर्चुअल रूप से शामिल हुए और अपने सुझावों को रखा। बैठक में बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा संचालित पीएम राहत योजना के अंतर्गत अब दुर्घटना पीड़ितों को “गोल्डन ऑवर” में त्वरित और कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे के भीतर यदि पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराया जाए तो मृत्यु की संभावना 50 प्रतिशत तक कम हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह योजना प्रभावी रूप से लागू की गई है।इस योजना के तहत भारत में कहीं भी मोटर वाहन से संबंधित सड़क दुर्घटना होने पर पीड़ित को तत्काल निकटतम सूचीबद्ध अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। यह उपचार आयुष्मान भारत (एबी-पीएम-जेएवाई) के अंतर्गत पंजीकृत अस्पतालों में उपलब्ध होगा। पीड़ित या उसके परिजनों से किसी प्रकार का अग्रिम भुगतान नहीं लिया जाएगा।अस्पताल में प्रवेश एवं पंजीकरणपीएम राहत योजना के तहत अस्पताल द्वारा पीड़ित की पहचान सत्यापित कर 24 घंटे के भीतर उसे टीएमएस (Transaction Management System) 2.0 पोर्टल पर पंजीकृत किया जाता है।उपचार की व्यवस्थाबैठक में केंद्रीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि योजना के अंतर्गत दुर्घटना की तिथि से अधिकतम 7 दिनों तक ट्रॉमा/पॉलीट्रॉमा पैकेज के अंतर्गत 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है।रिपोर्टिंग एवं सत्यापनअस्पताल द्वारा 24 घंटे के भीतर स्थानीय पुलिस को सूचना दी जाती है तथा दुर्घटना का विवरण इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (EDAR) प्रणाली में दर्ज किया जाता है।दावा प्रसंस्करण एवं भुगतानअस्पताल द्वारा दावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के पोर्टल पर प्रस्तुत किया जाता है। स्वीकृत राशि का भुगतान मोटर वाहन दुर्घटना कोष (MVAF) से किया जाता है।योजना के मुख्य बिंदुपरिवहन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि प्रति पीड़ित, प्रति दुर्घटना अधिकतम 7 दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक की सहायता, मोटर वाहन से जुड़ी सभी सड़क दुर्घटनाओं पर लागू होगी तथा पूर्णतः कैशलेस सुविधा और प्रदेश में योजना के सुचारु क्रियान्वयन हेतु सभी 33 जिलों के कलेक्टरों के लिए रिजर्व बैंक में खाते खोले जा चुके हैं तथा टीएमएस और पीएफएमएस (Public Financial Management System) के माध्यम से सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। यह योजना सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और उनकी जान बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर परिवहन सचिव एस. प्रकाश भी उपस्थित रहे। Spread the lovePost navigationमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से प्रेस क्लब प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात वन विकास निगम में ‘डिजिटल क्रांति‘ और ‘रोजगार संगम‘ का सफल मॉडल