नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की 15 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से स्वदेश वापसी की खबर से उनके परिवार में खुशी की लहर है। चंद्रयान मिशन की ऐतिहासिक सफलता के साथ ही शुक्ला ने मिशन के सभी वैज्ञानिक लक्ष्यों को पूरा किया, जिससे पूरे देश में गर्व का माहौल है।शुभांशु के परिवार ने सावन के पहले सोमवार को भगवान शिव की पूजा कर उनकी सकुशल वापसी की प्रार्थना की। उनके पिता शंभु दयाल शुक्ला ने कहा, “भोलेनाथ की कृपा से यह मिशन सफल हुआ। हमने मंदिर में जाकर अभिषेक किया और घर पर भी पूजा की। हमें विश्वास है कि वे सही-सलामत लौटेंगे।”मां आशा शुक्ला की आंखों में खुशी छलकती दिखी। उन्होंने कहा, “घर में खुशी का माहौल है। मैंने भगवान से उनकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना की है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश और अंतरिक्ष विज्ञान दोनों ने नई ऊंचाइयों को छुआ है।”शुभांशु की बहन शुचि मिश्रा ने बताया कि मिशन का अंतिम चरण चल रहा है, जिसे लेकर वे सभी उत्साहित तो हैं ही, थोड़े चिंतित भी हैं। उन्होंने कहा, “शुभांशु ने मिशन के सभी लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। वे बेहद खुश थे, लेकिन थोड़े उदास भी क्योंकि वे अंतरिक्ष में कुछ और दिन रहना चाहते थे।”शुचि ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिशन को दिशा दी और शुभांशु को व्यक्तिगत तौर पर प्रेरित भी किया। उन्होंने कहा, “140 करोड़ भारतीयों का समर्थन और भगवान शिव का आशीर्वाद हमारे साथ है। हमें विश्वास है कि शुभांशु जल्द ही सुरक्षित लौटेंगे और भारत एक और अंतरिक्ष गौरव का साक्षी बनेगा।”चंद्रयान और अंतरिक्ष कार्यक्रम में भारत की कामयाबी से एक ओर वैज्ञानिक समुदाय गदगद है, तो दूसरी ओर आम नागरिकों का भी आत्मविश्वास बढ़ा है। अब सभी की नजरें 15 जुलाई को होने वाले शुभांशु के स्प्लैशडाउन पर टिकी हैं, जो इस ऐतिहासिक मिशन का अंतिम और निर्णायक चरण होगा।Spread the lovePost navigationप्रधानमंत्री मोदी ने 51 हजार युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले- आप ही हैं राष्ट्र निर्माण के सच्चे सिपाही कांवड़ यात्रा पर योगी सरकार का एक्शन मोड, सुरक्षा और सुविधा दोनों पुख्ता