मुंबई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित अतिरिक्त 25% टैरिफ ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है। इसका असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। घरेलू निवेशकों की चौतरफा बिकवाली के चलते बाजार लाल निशान में बंद हुआ।सेंसेक्स-निफ्टी की बड़ी गिरावटदिन के अंत मेंसेंसेक्स 37 अंक या 1.04% टूटकर 80,786.54 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 255.70 अंक यानी 1.02% गिरकर 24,712.05 पर रहा।निफ्टी मिडकैप 100 935.30 अंक या 62% गिरकर 56,766.20 परनिफ्टी स्मॉलकैप 100 362.95 अंक या 03% फिसलकर 17,548.60 पर बंद हुआ।सेक्टोरल हालातलगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।गिरावट वाले सेक्टर: ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा, मेटल, रियल्टी, मीडिया, एनर्जी, प्राइवेट बैंक और इन्फ्रा।तेजी वाला सेक्टर: सिर्फएफएमसीजी इंडेक्स हरे निशान में रहा।टॉप गेनर्स और लूजर्सगैनर्स (सेंसेक्स पैक): एचयूएल, मारुति सुजुकी, आईटीसी, टीसीएस और अल्ट्राटेक सीमेंट।लूजर्स: सन फार्मा, टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, एमएंडएम, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, एलएंडटी, टाइटन, बीईएल, टेक महिंद्रा और पावर ग्रिड।व्यापक बाजार का रुझानकारोबार में 728 शेयर बढ़त में, जबकि 2,280 शेयर गिरावट में रहे। वहीं, 78 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।निवेशकों में सतर्कताजियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ की समय सीमा खत्म होने और नए शुल्कों के लागू होने से निवेशक सतर्क हैं। इसके अलावा, रुपये में लगातार गिरावट से विदेशी निवेश प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जीएसटी दरों में बदलाव और सेक्टर-विशिष्ट राहत उपायों की उम्मीद है, जिससे आर्थिक विकास को गति मिल सके।Spread the lovePost navigationकुदरत का कहर जम्मू-कश्मीर में, बादल फटने से जनहानि और सड़क संपर्क बाधित मतदाता सूची पर गिरी गाज: 3 लाख संदिग्ध नाम होंगे बाहर, बाहरी नागरिकों को नोटिस