
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में आज एक बड़ा मोड़ देखने को मिलेगा। पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर शनिवार को राजधानी रायपुर में सीएम हाउस के बाहर धरने पर बैठेंगे। उनका मुख्य आरोप है कि कोरबा कलेक्टर अजित वसंत के खिलाफ गंभीर शिकायतों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कंवर ने पहले ही 14 बिंदुओं पर शिकायत दर्ज कर सरकार को चेतावनी दी थी कि यदि 4 अक्टूबर तक कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरने पर बैठेंगे। शुक्रवार देर शाम वे रायपुर पहुंचे और धरने की तैयारी पूरी कर ली। उनके समर्थकों ने बताया कि कंवर ने जिला प्रशासन को धरने की सूचना भेजी है, हालांकि प्रशासन की ओर से कोई लिखित अनुमति नहीं मिली है।
कंवर ने साफ किया कि शनिवार सुबह 10.30 बजे से वे सीएम हाउस के बाहर प्रदर्शन करेंगे और यदि रास्ते में रोका गया तो वहीं धरना देंगे।
इस बीच, राज्य शासन ने उनके शिकायती पत्र पर बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन से जांच प्रतिवेदन मांगा है। जैन ने मीडिया से कहा कि उन्हें लिखित आदेश नहीं मिला है, लेकिन आदेश मिलने पर रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, प्रतिवेदन मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कंवर के इस धरने से प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का दौर शुरू हो गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता द्वारा अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलना पार्टी और सरकार दोनों के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंवर का आंदोलन कितना बड़ा रूप लेता है और सरकार इस पर कैसी प्रतिक्रिया देती है।





