बिलासपुर/गौरेला-पेंड्रा-मरवाही | छत्तीसगढ़ के गौरेला में 50,000 रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में फरार चल रहा राजस्व निरीक्षक घनश्याम भारद्वाज आखिरकार एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के बढ़ते दबाव के आगे झुक गया। आरोपी ने मंगलवार को बिलासपुर स्थित एसीबी कार्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।क्या है पूरा मामला?इस भ्रष्टाचार का मामला प्रार्थी रंजीत सिंह राठौर, निवासी आंदु (जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) की शिकायत पर दर्ज किया गया था। रंजीत सिंह ने आरोप लगाया था कि उसके पिता के नाम पर स्थित 2 एकड़ कृषि भूमि के सीमांकन के बदले राजस्व निरीक्षक घनश्याम भारद्वाज ने 50,000 रुपए की रिश्वत की मांग की थी।पहले ही पकड़ा जा चुका है एक आरोपीएसीबी ने शिकायत की जांच के बाद 15 अप्रैल 2025 को एक ट्रैप कार्रवाई की थी, जिसमें आरोपी का साथी राजस्व निरीक्षक संतोष कुमार चंद्रसेन को 50,000 रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। संतोष कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जबकि मुख्य आरोपी घनश्याम भारद्वाज फरार हो गया था।लगातार दबाव में किया आत्मसमर्पणएसीबी की टीम लगातार घनश्याम भारद्वाज की खोजबीन और दबिश में लगी हुई थी। बढ़ते दबाव और गिरफ्तारी की आशंका से घबरा कर घनश्याम ने आज स्वेच्छा से एसीबी कार्यालय में सरेंडर किया। उसे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।ACB की कार्रवाई से हड़कंपइस मामले में एसीबी की त्वरित और सख्त कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। लगातार मिल रही रिश्वत की शिकायतों के बीच यह कार्रवाई भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।Spread the lovePost navigationसुनवाई के बिना वेतन से की गई वसूली को हाई कोर्ट ने बताया गलत, राशि लौटाने का आदेश GGU एनएसएस कैंप में जबरन नमाज पढ़वाने के मामले में बड़ी कार्रवाई, एनएसएस प्रभारी समेत अन्य पर एफआईआर के आदेश