दिल्ली। अमेरिका ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सहयोगी संगठन ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे Foreign Terrorist Organization (FTO) और Specially Designated Global Terrorist (SDGT) की सूची में शामिल कर दिया है। इस ऐलान के साथ अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ अपने कड़े रुख को एक बार फिर दुनिया के सामने स्पष्ट कर दिया है।भारत ने इस फैसले का जोरदार स्वागत किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसे भारत-अमेरिका के आतंकवाद विरोधी सहयोग का सशक्त संकेत बताते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री और प्रशासन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह कदम हमारी साझा सुरक्षा को मजबूती देगा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग को और प्रगाढ़ बनाएगा।अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया कि TRF लगातार भारतीय नागरिकों और सुरक्षा बलों को निशाना बना रहा है। हाल ही में 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी TRF ने ली थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। अमेरिका ने इसे 2008 के मुंबई हमलों के बाद भारत में सबसे बड़ा हमला करार दिया है।TRF को लश्कर-ए-तैयबा का ही नया नाम और चेहरा माना जा रहा है, जो पाकिस्तान की धरती से संचालित होता है। अमेरिका की इस कार्रवाई से पाकिस्तान की आतंकवाद पर दोहरी नीति एक बार फिर वैश्विक मंच पर उजागर हो गई है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ समर्थन मिलेगा और TRF जैसे संगठनों की फंडिंग, भर्ती और गतिविधियों पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा।यह कदम अमेरिका की उस नीति का हिस्सा है जिसमें वैश्विक आतंकियों को न्याय के कटघरे में लाने की बात कही गई है। यह कार्रवाई न केवल भारत की सुरक्षा के लिए अहम है, बल्कि वैश्विक स्तर पर आतंक के खिलाफ एकजुटता का भी प्रतीक है।Spread the lovePost navigationतीन साल बाद फिर एक्टिव मोड में RIC! रूस की पहल को चीन का समर्थन, भारत बोला- फैसला विचाराधीन दुर्गापुर से विकास और ‘परिवर्तन’ का संदेश: PM मोदी ने 5,000 करोड़ की परियोजनाओं का किया शिलान्यास, सियासी रणभेरी भी बजाई