नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा CPI(M) और RSS को वैचारिक रूप से समान बताने वाले बयान ने INDIA गठबंधन में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। केरल में दिवंगत नेता ओमन चांडी की पुण्यतिथि पर आयोजित सभा में राहुल ने कहा कि वे आरएसएस और सीपीआई (एम) दोनों से वैचारिक लड़ाई लड़ते हैं, क्योंकि इन दोनों संगठनों में “लोगों के प्रति भावना और संवेदनशीलता की कमी है।”इस टिप्पणी पर CPI(M) की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता एम. ए. बेबी ने राहुल गांधी के बयान को “दुर्भाग्यपूर्ण” करार देते हुए कहा कि उन्हें भारत और विशेष रूप से केरल की राजनीतिक वास्तविकता की समझ नहीं है। बेबी ने याद दिलाया कि 2004 में वाम दलों के समर्थन के बिना कांग्रेस सरकार बन ही नहीं सकती थी।INDIA गठबंधन की वर्चुअल बैठक में CPI के महासचिव डी. राजा ने भी बिना नाम लिए राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की तुलना गठबंधन कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम और असहमति को जन्म दे सकती है, जिससे एकता को नुकसान पहुंचेगा।एक अन्य वामपंथी नेता ने कहा, “जब गठबंधन बना था, तब सभी का एक ही उद्देश्य था – ‘देश बचाओ, भाजपा हटाओ।’ ऐसे में किसी को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए जिससे आंतरिक मतभेद बढ़े।”बेबी ने राहुल गांधी से संयमित भाषा के इस्तेमाल और गठबंधन की भावना का सम्मान करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस की आलोचना करती रही है, लेकिन कभी भी उसकी तुलना आरएसएस या भाजपा से नहीं की गई।गौरतलब है कि कांग्रेस और सीपीएम दोनों ही INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं, लेकिन केरल की राजनीति में ये दोनो दल एक-दूसरे के कट्टर प्रतिद्वंदी हैं। कांग्रेस जहां यूडीएफ का नेतृत्व करती है, वहीं सीपीएम एलडीएफ की अगुवाई करती है। ऐसे में राहुल गांधी की टिप्पणी ने गठबंधन के भीतर नई बहस और असहमति को जन्म दे दिया है।Spread the lovePost navigationसहेली के घर जा रही नाबालिग को अगवा कर पेट्रोल डालकर जलाया, हालत गंभीर; सरकार ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश भारत की रेड नोटिस कार्रवाई में तेजी, इंटरपोल से भगोड़ों की धरपकड़ में बड़ा बदलाव